प्यार का मीठा एहसास दिलाने लगा है तू
अब तो मुझे मुझसे चुराने लगा हैं तू
वीरान थी ये ज़िन्दगी तेरे आनेसे पहले
खुशियों के सपने दिखाने लगा हैतू
हर पल होता है बस तेरा ही एहसास
इस क़दर मेरी सांसों में समानेलगा है तू
रास्ते पे चलते चलते अक्सर घूमजाती हूँ
अब मेरे साथ साया बनकर आने लगाहै तू
तेरी चाहतों का साया है सवार कुछ इस क़दर,
के हर पल, हर जगह नज़र आने लगा है तू...
नाम कौन सा भी लूँ अपने लबों पे
आपका चेहरा नज़र आता है कुछ इस तरह समाने लगा है तू
जाने कौन सी डोर है तेरी ओर खिचे जाती हूँ
मुझे अपनी दीवानी बनाने लगा हैतू...
तस्वीर में अक्सर महसूस होता है मुझे
छोड़ के दुनिया बाहों में समाने लगा है तू...
क्या नाम दूँ इसको
जो मेरे को हर लम्हा बेचैन करता है... ?
अब तो मुझे मुझसे चुराने लगा हैं तू
वीरान थी ये ज़िन्दगी तेरे आने
खुशियों के सपने दिखाने लगा है
हर पल होता है बस तेरा ही एहसा
इस क़दर मेरी सांसों में समाने
रास्ते पे चलते चलते अक्सर घूम
अब मेरे साथ साया बनकर आने लगा
तेरी चाहतों का साया है सवार कुछ इस क़दर,
के हर पल, हर जगह नज़र आने लगा है तू...
नाम कौन सा भी लूँ अपने लबों पे
आपका चेहरा नज़र आता है कुछ इस तरह समाने लगा है तू
जाने कौन सी डोर है तेरी ओर खि
मुझे अपनी दीवानी बनाने लगा है
तस्वीर में अक्सर महसूस होता है मुझे
छोड़ के दुनिया बाहों में समाने
क्या नाम दूँ इसको
जो मेरे को हर लम्हा बेचैन करता