दर्द भरी ज़िन्दगी का सुराग ढूंढते हैं...
हैं अंधेरों में गुम यहाँ कि चिराग ढूंढते हैं...
हैं अंधेरों में गुम यहाँ कि चि
बनाया था तमाशा ज़िन्दगी का, कुछ इस तरह
कि उन मेहरबानियों को पता ढूंढते हैं...
कि उन मेहरबानियों को पता ढूं
कोई है... ? अंधेरों में, मेरे दिल की शमा जला दे
आज हम अपनी बदनसीबी का राज़ ढूंढते हैं...
आज हम अपनी बदनसीबी का राज़ ढूं
हसरत का आईना ये पत्थर दिल से टूट गया
शीशों के इन टुकड़ों में अपना आज ढूंढते हैं...
माना कि तेरे लम्हों ने हमें झुलस के रख दिया
दिल को भुलाने के लिए कोई हसींख्वाब ढूंढते हैं..
दिल को भुलाने के लिए कोई हसीं
waaaah... bahut sundar rachna... :)
ReplyDeleteyou are very talented...
ReplyDeletesaas thum jaaye par ehsas na alag ho ne paaye
appke shabdo ke aagosh main din raay ek ho jaaye.
-Anand